संपूर्ण देश में सहकारिता आंदोलन की कोई अग्रणी संस्था कार्य कर रही है तो वह सहकार भारती है-राज्यपाल गुलाब चंद्र कटारिया

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अमृतसर(सूरज बोम्मावार) सहकार भारती के तीन दिवसीय 8वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन रेलवे ग्राउंड परिसर में शनिवार को औपचारिक उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पंजाब के राज्यपाल महामहिम गुलाबचंद कटारिया व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले जी का अधिवेशन में शामिल प्रतिनिधियों को मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल महामहिम गुलाब चंद्र कटारिया जी ने कहा कि मैं सहकार भारती को धन्यवाद देता हूं कि मुझे आज अमृतसर में आयोजित इस अधिवेशन में शामिल होने का अवसर दिया। संपूर्ण देश में सहकारिता आंदोलन की कोई अग्रणी संस्था कार्य कर रही है तो वह सहकार भारती है। जब तक हमारा कार्यकर्ता संस्कारित नहीं होगा तब तक देश का उद्धार नहीं कर सकता और सहकार भारती अपने घोष वाक्य बिना संस्कार नहीं सहकार के आधार पर संस्कारवान कार्यकर्ता निर्माण करने का कार्य कर रही है। यह अत्यंत सराहनीय है। हमारी ग्राम व्यवस्था सहकारिता आधारित थी। हम अपने जीवन को सहकारिता के आधार पर जीने के अभ्यस्त थे। इस संगठन के माध्यम से श्रद्धेय लक्ष्मणराव इनामदार जी ने जो संगठन तैयार किया वह आज एक वटवृक्ष बन गया है। जिन राज्यों ने सहकारिता को आत्मसात किया वह आज तरक्की पर है। सहकारिता में जो भ्रष्टाचार और परिवारवाद घुस गया उन्हीं लोगों ने सहकारिता का बंटाधार कर दिया। ऐसे समय में सहकार भारती ही इसका उद्धार कर सकती है। साथ ही उन्होंने सहकार भारती द्वारा विगत में किए गए प्रयासों की सराहना भी की।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनानाथ ठाकुर ने प्रस्तावना व्यक्त करते हुए कहा कि सहकार भारती त्रिवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने की परिपाटी रही है। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में पिछले तीन वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन और आगामी तीन वर्ष की कार्य योजना पर मंथन होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सहकारिता में अगर संस्कार नहीं रहा तो वह स्वाहाकार बन जाएगी। इसलिए संस्कार आधारित सहकारिता होनी चाहिए।

इस अवसर पर ईफको के एमडी डॉ. उदयशंकर अवस्थी, राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनानाथ ठाकुर, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ उदय जोशी, स्वागत समिति अध्यक्ष इन्द्रप्रीत सिंह आनंद, पंजाब महामंत्री रविंदर सिंह उपस्थित रहे तथा पंजाब प्रदेश अध्यक्ष ने सभी को धन्यवाद् ज्ञापित किया ।