सहकार भारती के 8 वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभआरंभ

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आज दिनांक 6 दिसम्बर २०२४ को राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनानाथ ठाकुर व राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी द्वारा सहकारिता ध्वज के ध्वजारोहण के उपरांत रेलवे ग्राउंड, अमृतसर (पंजाब) में किया गया।

प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष श्री शंकरभाई चौधरी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री दीनानाथ ठाकुर जी द्वारा शंकरभाई चौधरी को श्रद्धेय लक्ष्मण राव इनामदार पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

 

सत्र को संबोधित करते हुए दीनानाथ ठाकुर जी ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि पहलीबार अमृतसर की पवित्र भूमि, जो सेवा की भूमि है, वहां सहकार भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन हो रहा है। सेवा की भावना को लेकर जागृत मन से एवं और अधिक ऊर्जा से अपने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को सहकारिता से उद्धार के लिए कार्य करना है।

२०२१ में जब सहकारिता मंत्रालय की स्थापना हुई तो देश में सहकारिता के प्रति एक नई चेतना का निर्माण हुआ । २०२१ के पश्चात सहकारिता क्षेत्र को नई प्रतिष्ठा मिली है और इस बात के लिए हम सभी को गौरवान्वित होना चाहिए कि इसके लिए सबसे अधिक योगदान सहकार भारती का रहा है। सर्वांगीण विकास हेतु सहकारिता मंत्रालय का जो धेय है उसे सहकार भारती अपना धेय बनाकर कार्य कर रही है। इन 3 दिनों में सहकार भारती के आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना पर मंथन होगा ।

 

मुख्य अतिथि गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी ने कहा कि मेरे लिए यह सौभाग्य का दिन है कि एक ऐसी संस्था जो समय अनुकूल, देशानुकुल है उसने मेरे काम का सम्मान किया है। सहकार भारती का सम्मान यह स्मरण दिलाता है की मुझको आगे और श्रेष्ठ कार्य करना है। में आप सभी को विश्वास दिलाता हूँ कि बनास डेरी आगे और भी अधिक लोक कल्याण का कार्य करेगी। उन्होंने सहकार भारती के घोष वाक्य बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार पर चर्चा करते हुए कहा कि यह सिर्फ शब्द नहीं मन्त्र है और इस मन्त्र को अमल करते हुए काम के प्रति समर्पण आ गया तो दुनिया में सहकारिता को कोई पीछे नहीं कर सकता है। साथ ही उन्होंने बनास डेरी के कार्यों से किसान कैसे लाभान्वित हो रहे हैं इस विषय में विस्तार पूर्वक बताया

राष्ट्रीय महामंत्री श्री जोशी ने 3 वर्षों का महामंत्री प्रतिवेदन को व्यक्त करते हुए कहा कि आज 6 दिसम्बर का दिन बहुत विशेष है। यह संयोग है कि पंजाब की पुण्यभूमि जिसका स्वतंत्रता आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आज इसी धरती के महापुरुष पूजनीय गुरुतेग बहादुर जी का शहीदी दिन है तथा संविधान के निर्माता महामानव डॉ आंबेडकर जी का महापरिनिर्वाण दिन है इन दोनों महापुरुषों का आज इस अधिवेशन को आशीर्वाद प्राप्त है। साथ ही उन्होंने अपने प्रतिवेदन में सहकार भारती के 3 वर्षों के कार्यों को विस्तार पूर्वक बताया ।

इस अवसर पर सहकार भारती की विशेष प्रदर्शनी का उ‌द्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय सह-प्रचार प्रमुख श्री प्रदीप जोशी जी द्वारा किया गया। आयोजन में समाज सेवी एवं भारत के पूर्व राजदूत श्री तरनजीत सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। सहकारिता को समर्पित सहकार भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से 2500 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।